BiG BASKET को स्टेशन मैनेजर ने नर्क बना दिया





कमर्शियल एडिटर मुन्ना सिंह की खास रिपोर्ट 

रांची : विश्व की नंबर वन कंपनी टाटा है. टाटा ग्रुप का एक यूनिट है बिग बॉस्केट. जिसका फ्रेंचाइजी लेकर धनबाद में Elasticrun चला रहा है.धनबाद में दो स्टोर है. जिसका स्टेशन मैनेजर राकेश डंग है. दोनों स्टोर में मैनेजर, सुपरवाइजर, पिकर के अलावा लगभग 50 के आसपास डिलीवरी बॉय है. सभी को हर सप्ताह स्टेशन मैनेजर के ही रिपोर्ट पर elasticrun फ्रेंचाइजी मालिक डिलीवरी बॉय को वेतन देता है. कुछ डिलीवरी बॉय का कहना है कि राकेश डंग हर सप्ताह फ्रेंचाइजी मालिक को गलत रिपोर्ट बनाकर भेजता है. जिसके कारण हर डिलीवरी बॉय का वेतन कम आता है. जिसे शक होता है, वह डिलीवरी बॉय विरोध करता है. फिर राकेश अपनी नौकरी बचाने के लिए उस डिलीवरी बॉय का सही रिपोर्ट बनाकर फ्रेंचाइजी मालिक को भेजता है. उसके बाद पूरा पैसा डिलीवरी बॉय के अकाउंट में दूसरे दिन आ जाता है. जो डिलीवरी बॉय विरोध नहीं करता है और जिसे याद नहीं है कि वह कितना पार्सल डिलीवर किया है, तो वह payout को एक्सेप्ट कर लेता है. प्रतिदिन 16 या उससे अधिक पार्सल डिलीवर करने पर अतिरिक्त ₹100 इंसेंटिव मिलता है. अक्सर देखा जाता है कि कई डिलीवरी बॉय का हर सप्ताह एक दो दिन 16 से कम पार्सल डिलीवर रिपोर्ट दिखा दिया जाता है. जिसके कारण डिलीवरी बॉय को उस दिन का इंसेंटिव नहीं मिलता है. राकेश डंग ही फ्रेंचाइजी मालिक से सेटिंग कर डिलीवरी बॉय का वेतन घोटाला कर रहा है. एक दो डिलीवरी बॉय कहते हैं कि राकेश एक नंबर का चोर और घोटालेबाज है. उसने बिग बॉस्केट को ही नहीं, टाटा को भी बदनाम कर दिया है और कंपनी को नर्क बना दिया है.

 राकेश समय पर COD जमा करने के लिए कहता है, लेकिन समय पर वेतन नहीं देता 

 बिग बास्केट के अधिकतर डिलीवरी बॉय कहते हैं कि धनबाद में राकेश व्हाट्सएप ग्रुप में रोजाना मैसेज लिखकर कर डिलीवरी बॉय को धमकी देता है कि सभी लोग अपना COD प्रतिदिन जमा कर दें, अन्यथा हर सप्ताह वेतन रोक दिया जाएगा. इसी डर से डिलीवरी बॉय प्रतिदिन अपना COD जमा कर देते हैं, चाहे वह ₹1 हो या 50 या फिर 100, 200 या ₹500 क्यों न हो. जबकि राकेश डिलीवरी बॉय को कभी भी एक सप्ताह का वेतन समय पर नहीं देता है. एक से सात तारीख तक का पैसा 10 तारीख को देता है. जब प्रतिदिन रात में 12:00 बजे से पहले COD चाहिए तो तुम भी सभी डिलीवरी बॉय को रात 12:00 बजे से पहले प्रतिदिन का डिलीवरी और इंसेंटिव मिला कर पैसा दो. राकेश को COD रोजाना चाहिए, लेकिन डिलीवरी बॉय को 10 दिन के बाद पैसा देगा. वह स्टेशन मैनेजर है तो चालक और हम लोग डिलीवरी बॉय हैं तो बेवकूफ. राकेश ने तो बिग बॉस्केट को बदनाम कर दिया है. कीचड़ की तरह दल दल बना दिया है. एक कहावत है एक सड़ा हुआ मछली पूरे तालाब को गंदा कर देता है, ठीक उसी तरह बिग बॉस्केट का राकेश बिग बास्केट को गंदा कर दिया है. राकेश जैसे लोगों का जगह बिग बॉस्केट में नहीं है.

राकेश के चहेते राइडर्स अधिकतर प्रीपेड और कूपन का ऑर्डर डिलीवरी कर किसी दुकानदार से बेच देते हैं सामान 

 एक दो राइडर्स ने यह भी बताया कि राकेश के कुछ चहेते राइडर्स अधिकतर प्रीपेड और कूपन का ऑर्डर डिलीवरी कर किसी दुकानदार से बेच देते हैं. कस्टमर जब इसकी शिकायत कंपनी के कस्टमर केयर को फोन कर करता है तो राकेश कहता है कि कस्टमर झूठ बोल रहा है. मेरा डिलीवरी बॉय पार्सल डिलीवर कर चुका है. राकेश के चहेते राइडर्स इतने चालाक हैँ कि कस्टमर के घर के पास ही पार्सल का फोटो खींचकर डिलीवर कर देते हैं और वहां से सामान लेकर भाग जाते हैं. ताकि जांच में लोकेशन सही मिले. राकेश के चहेते राइडर्स अगर एक दिन में 50 हजार रुपये का सामान बेच रहे हैं तो 25 हजार राइडर्स का होता है और 25 हजार राकेश का होता हैं.

 बिग बास्केट का स्टोर नशेड़ियों और लफंगों का अड्डा बन चुका है 

 बिग बास्केट में काम करने वाले साफ सुथरे लोगों का कहना है कि इनदिनों धनबाद के बिग बास्केट का स्टोर नशेड़ियों और लफंगों का अड्डा बन चुका है. एक स्टोर हीरापुर में अभय सुंदरी स्कूल के सामने शंकर मॉल के ऊपर है. जहां कुछ नशेड़ी राइडर्स अक्सर नशे में धुत्त होकर आपस में गाली-गलौज करते हैं. अगर किसी ने विरोध किया तो उसे भी ये लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देते हैं. ये लोग अगल-बगल के रेस्टोरेंट और दवा दुकानदारों के साथ भी गाली गलौज और मारपीट कर चुके हैं. दुकानदारों ने इसकी शिकायत राकेश से किया था, लेकिन राकेश ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया. जो खुद सबसे बड़ा अपराधी है, वह अपने गुर्गो के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा. अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्टोर बंद होने में समय नहीं लगेगा. यही वजह है कि कई प्रतिभाशाली कर्मचारियों ने bigbasket को छोड़ दिया और दूसरे कंपनी में चले गए. जहाँ शांति पूर्वक काम कर रहे हैं और अच्छे से जीवन व्यतित कर रहे हैं. 

 75% कस्टमर दूसरे कंपनी से मंगा रहे हैं पार्सल 

 एक दर्जन से अधिक कस्टमर से बातचीत हुई तो उन लोगों ने कहा कि वे लोग अब बिग बॉस्केट की बजाय दूसरे ऑनलाइन कंपनी से ग्रोसरी आइटम मंगा रहे हैं. प्रीपेड और कूपन का ऑर्डर घर पर लाकर देने की बजाय रास्ते में ही डिलीवर कर देते हैं और सामान लेकर भाग जाते हैं. 75% पुराने कस्टमर का कहना है कि वे लोग बिग बॉस्केट से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ चुके हैं. धनबाद में ग्रोसरी आइटम ऑनलाइन बेचने वाली एक दर्जन से अधिक कंपनियों का स्टोर है. जहां से वे लोग ऑर्डर कर सामान मंगाते हैं. कुछ राइडर्स का कहना है कि यह सब कुछ राकेश के कारण ही हो रहा है.







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