ब्यूरो चीफ मुकेश सिंह की खास रिपोर्ट
आपदा में गैस एजेंसियों के लिए अवसर, तीनगुने कीमत पर कर रहें कालाबाज़ारी, ईद और रामनवमी मनाने में व्यस्त हैं डीसी-एसएसपी
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध के कारण धनबाद समेत पूरे विश्व में एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट के कारण मच गया हाहाकार
रांची : आपदा में गैस एजेंसियों के लिए अवसर साबित हो रहा है. दो से तीनगुने कीमत पर घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कालाबाज़ारी कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर धनबाद में एक सप्ताह से डीसी-एसएसपी समेत एसपी, डीएसपी, थानेदार के अलावा तमाम 58 थाना के 5000 से अधिक पुलिसकर्मी ईद और रामनवमी मनाने में व्यस्त हैं. केंद्र और राज्य सरकार ने तमाम जिला के जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि किसी भी कीमत पर गैस सिलेंडर के कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए. इसके बावजूद धनबाद समेत झारखंड के सभी जिलों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है. दो से तीनगुने कीमत पर विभिन्न गैस एजेंसियाँ घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कालाबाजारी कर रहे हैं. जिस पर शिकंजा कसने वाले प्रशासनिक विभाग के तमाम पदाधिकारी कर्मचारी सो रहे हैं. लोगों का कहना है कि डीसी हो या एसएसपी या फिर अन्य पदाधिकारी, सभी के घरों में 1 साल का सिलेंडर भरा हुआ है. थानेदार, डीएसपी, एसपी, एसडीओ, एडीएम समेत सैकड़ों पदाधिकारियों के घरों में 1 साल तक का स्टॉक मिल जाएगा. यही वजह है कि कोई भी पदाधिकारी ने अभी तक किसी भी गैस एजेंसी पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किया है. लोगों का कहना है की थानेदार, डीएसपी, एसपी, एसएसपी फोन करने पर कॉल तक रिसीव नहीं करते हैं, तो करवाई क्या करेंगे. यह लोग जनता के नहीं अपराधियों और कालाबाजारियों के सेवक हैं.
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध के कारण धनबाद समेत पूरे विश्व में एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट के कारण मच गया हाहाकार
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध के कारण धनबाद समेत पूरे विश्व में एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट के कारण हाहाकार मचा हुआ है. गैस एजेंसियाँ सालों भर कालाबाजारी करने वालों को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है. छोटे-छोटे गैस सिलेंडर में कालाबाज़ारी करने वाले 200 से ₹400 किलो तक गैस रिफ़लिंग कर रहे हैं. हीरापुर से लेकर पुलिस लाइन, स्टील गेट, बैंक मोड़, झरिया, कतरास, बाघमारा, गोविंदपुर, निरसा, सिंदरी, समेत कई इलाकों में गैस की रिफ़लिंग बड़े पैमाने पर हो रही है.
बुकिंग, ओटीपी और डीएसी नंबर के बाद भी एजेंसी नहीं दे रहे हैं गैस सिलेंडर
लोगों का कहना है कि बुकिंग, ओटीपी और डीएसी नंबर के बाद भी एजेंसी गैस सिलेंडर नहीं दे रहे हैं. गाड़ियों से गैस सिलेंडर लाकर एजेंसी के कर्मचारी कंज्यूमर के मोबाइल में पहले मैसेज देखते हैं. अगर डीएसी नंबर आया है, तभी सिलेंडर देते हैं. वरना लेकर चले जा रहे हैं. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि डीएससी नंबर आने के बावजूद भी एजेंसी गैस सिलेंडर नहीं दे रहे हैं. गैस एजेंसी के मैनेजर और वहां के कर्मचारियों की गुंडागर्दी कायम है. अधिकतर कंज्यूमर के साथ बदतमीजी के साथ पेश आ रहे हैं. इस संबंध में लोग थानेदार, डीएसपी, एसपी, और एसएसपी को फोन करते हैं, लेकिन वे लोग रिसीव भी नहीं करते हैं. यह संघर्ष 1973 और 1979 के तेल संकटों की याद दिलाता है और यदि यह लंबा खिंचता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।
महानगरों से पलायन करने लगे हैं मजदूर
कोरोना काल की तरह गैस संकट के कारण महानगरों में काम करने वाले झारखंड, बिहार और यूपी समेत कई राज्यों के मजदूर वहां से पलायन करने लगे हैं. महानगरों से लौटे कुछ मजदूरों का कहना है कि वे लोग मुंबई, दिल्ली लुधियाना समेत कई महानगरों में विभिन्न कंपनियों में काम करते थे, लेकिन गैस की किल्लत के कारण उन्हें पलायन होना पड़ा. जानकारी के अनुसार झारखंड बिहार यूपी समेत कई राज्यों में लाखों करोड़ों बेरोजगार युवक हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े-बड़े कंपनियों में काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. कोरोना कल में आपने देखा होगा देश के विभिन्न राज्यों से लाखों करोड़ों मजदूर ट्रेनों से अपने-अपने गांव लौटे थे. ईरान इजरायल और अमेरिका के बीच इसी तरह युद्ध होता रहा तो आने वाले दिनों में कोरोना काल से हजार गुना ज्यादा भयंकर संकट हो सकता है.
पेट्रोल डीजल खाद के लिए भी मचेगा कोहराम
लोगों का कहना है कि एलपीजी गैस सिलेंडर की तरह पेट्रोल डीजल खाद के लिए भी धनबाद समेत पूरे देश में कोहराम मचाने वाला है. 26 मार्च को यूपी और महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल के लिए मारामारी देखने को मिला. बाइक सवार को ₹200 और कार मालिकों को ₹1000 का तेल दिया जा रहा था. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में गैस डीजल तेल और खाद की कोई दिक्कत नहीं है. ईरान के होर्मूज स्ट्रेट के रास्ते डीजल तेल गैस और खाद की आपूर्ति पिछले 27 दिनों से बाधित है. ईरान से ही भारत समेत कई देशों में इसकी आपूर्ति होती है. लोगों का कहना है कि युद्ध अगर इसी तरह चलता रहा तो आने वाले दिनों में पूरे विश्व में कोहराम मच जाएगा. यह सब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कारण हो रहा है. उसने पूरे विश्व को खतरे में डाल दिया है.
गोदी मीडिया को एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं
लोगों का कहना है कि गोदी मीडिया को प्रशासनिक अधिकारियों की तरह गैस सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं हो रही है. गोदी मीडिया में शामिल हर सदस्यों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो जा रहा है. अगर किसी को कोई दिक्कत होती है तो वह सीधे पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को फोन घुमा देते हैं और गैस एजेंसी के मैनेजर को मोबाइल पकड़ा देते हैं. फिर मैनेजर की बोलती बंद हो जाती है. फिर एक क्या दो-दो सिलेंडर गोदी मीडिया के सदस्यों को मिल जाता है. अगर अपने किसी खास करीबी को गैस सिलेंडर की दिक्कत होती है तो गोदी मीडिया उसे भी उपलब्ध करा देता है. वसूलीबाज ऊर्फ चकलाघर का दल्ला अजय इसमें नंबर वन है. अजय ज्यादातर महिलाओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रहा है.
ईद हो या रामनवमी या फिर अन्य पर्व, सैकड़ो की संख्या में पुलिस करती है फ्लैग मार्च, क्राइम होने पर नजर तक नहीं आती
ईद हो या रामनवमी या फिर अन्य पर्व. सैकड़ो की संख्या में अधिकारियों समेत पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च करते हैं, लेकिन क्राइम होने पर नजर तक नहीं आते हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गोदी मीडिया को सेटिंग कर फ्लैग मार्च का वीडियो बनवाती है. फिर अखबार और न्यूज़ चैनल में प्रकाशित और प्रसारित भी करवाती है. उसके बाद पुलिस हेडक्वार्टर और राज्य सरकार तक मैसेज भिजवा देते हैं कि हमने पर्व से पहले फ्लैग मार्च किया था. इस दौरान लोगों से कहा था कि वे लोग सांप्रदायिक सौहार्द बनाएं रखते हुए त्यौहार मनाएंगे. किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर सख्ती के साथ निपटने का भी निर्देश दिया था. एक सप्ताह के भीतर धनबाद जिला के विभिन्न क्षेत्रों में दर्जनों आपराधिक घटनाएं हुई, जानलेवा हमला हुआ, हत्या भी हुई लेकिन, पुलिस कहीं भी मौजूद नहीं थी. घटना के घंटों बाद एक दो पुलिसकर्मी पहुंचे और लीपापोती कर चलते बने. सरकारी कर्मचारी हो या अधिकारी या पुलिसकर्मी, सभी जनता के टैक्स के पैसों पर पल रहे हैं. यही लोग जनता को गुंडों के हवाले कर रहे हैं. पुलिस,सरकारी कर्मचारी और अधिकारी से बड़ा गुंडा पूरे विश्व में कोई नहीं हैं.

