धनबाद समेत BigBasket का 47 मॉल बंद, फ्रेंचाइजी लेनेवाला Elasticrun के मालिक ने किया घोटाला, टाटा कंपनी को करोड़ों का नुकसान, कटघरे में धनबाद का स्टेशन मैनेजर
STAR NEWS के खबर का असर, 18 मार्च को 'BigBasket को स्टेशन मैनेजर ने नर्क बना दिया' शीर्षक के साथ खबर किया था प्रकाशित
कमर्शियल रिपोर्टर मुन्ना सिंह की खास रिपोर्ट
रांची : धनबाद समेत BigBasket का 47 मॉल बंद हो चुका है. बिगबास्केट के सीईओ से फ्रेंचाइजी लेनेवाला Elasticrun के मालिक ने घोटाला किया है. बिगबास्केट के एक दो कर्मचारियों ने बताया कि धनबाद का स्टेशन मैनेजर पूरी तरह से कटघरे में है. फेक ऑर्डर के साथ-साथ अधिकतर कस्टमर का प्रीपेड आर्डर डिलीवर कर ग्रॉसरी आइटम नहीं देना शामिल है. साइबर अपराधियों के साथ सेटिंग कर जीरो रुपए पर हर महीने लाखों करोड़ों रुपए का आर्डर करवाना और डिलीवर करने के आरोप भी शामिल है. कंपनी के कर्मचारियों का भी वेतन घोटाला किया गया है. कई सुपरवाइजर और मैनेजर ने फ्लैट कार खरीदा है. गत दिनों STAR NEWS के खबर का असर हुआ है. 18 मार्च को 'BigBasket को स्टेशन मैनेजर ने नर्क बना दिया' शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित किया था. बिग बॉस्केट की ऑडिट टीम चेन्नई से आकर धनबाद समेत कई जिलों में जांच किया था. जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिली थी. पूरी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है. बिगबास्केट के मालिक को Elasticrun को फ्रेंचाइजी देने से करोड़ों का नुकसान हुआ है. बिगबास्केट ने Elasticrun को ग्रोसरी आइटम देना बंद कर दिया है. 8 मार्च तक बचा हुआ ग्रोसरी सामान कस्टमर के बीच गिनेचुने आर्डर पर डिलीवर कर रहा है. 99% कस्टमर ने आर्डर देना बंद कर दिया है. धनबाद में हीरापुर अभय सुंदरी स्कूल के पास और बैंक मोड़ में मटकुरिया रोड बड़ा गुरुद्वारा के पास है. धनबाद का स्टेशन मैनेजर राकेश के अलावा गिने-चुने कर्मचारी ही बचे हुए हैं. 100 से अधिक कर्मचारियों ने काम छोड़कर दूसरे कंपनी में ज्वाइन कर लिया है. दोनों जगह मॉल में सन्नाटा पसरा हुआ है. एक दो कर्मचारी ने कहा कि 8 तारीख को दोनों मॉल में ताला लटक जाएगा. भारत के कई मॉल में ताला लटक चुका है. हालांकि चर्चा यह भी है कि Elasticrun को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है. धनबाद समेत कई जिलों में घाटे में चल रहा था. इसलिए मॉल को बंद करना पड़ा. शुरुआत में काफी फायदे में चल रहा था, लेकिन कई मैनेजरों ने इसे घोटाला कर घाटे में पहुंचा दिया. मैनेजर के कई राइडर्स ने भी जमकर इसका फायदा उठाया है.
धनबाद के स्टेशन मैनेजर ने टाटा को कर दिया बदनाम
विश्व की नंबर वन कंपनी टाटा है. टाटा ग्रुप का एक यूनिट है बिग बॉस्केट. जिसका फ्रेंचाइजी लेकर धनबाद में Elasticrun चला रहा था. धनबाद में दो स्टोर था . जिसका स्टेशन मैनेजर राकेश डंग था. दोनों स्टोर में मैनेजर, सुपरवाइजर, पिकर के अलावा लगभग 50 से अधिक डिलीवरी बॉय थे. सभी को हर सप्ताह स्टेशन मैनेजर के ही रिपोर्ट पर elasticrun फ्रेंचाइजी मालिक डिलीवरी बॉय को वेतन देता था. कुछ डिलीवरी बॉय का कहना है कि राकेश डंग हर सप्ताह फ्रेंचाइजी मालिक को गलत रिपोर्ट बनाकर भेजता था . जिसके कारण हर डिलीवरी बॉय का वेतन कम आता था . जिसे शक होता था. वह डिलीवरी बॉय विरोध करता था. फिर राकेश अपनी नौकरी बचाने के लिए उस डिलीवरी बॉय का सही रिपोर्ट बनाकर फ्रेंचाइजी मालिक को भेजता था. उसके बाद पूरा पैसा डिलीवरी बॉय के अकाउंट में दूसरे दिन आ जाता था. जो डिलीवरी बॉय विरोध नहीं करता था और जिसे याद नहीं रहता था कि वह कितना पार्सल डिलीवर किया था , तो वह payout को एक्सेप्ट कर लेता था. प्रतिदिन 16 या उससे अधिक पार्सल डिलीवर करने पर अतिरिक्त ₹100 इंसेंटिव मिलता था. अक्सर देखा जाता था कि कई डिलीवरी बॉय का हर सप्ताह एक दो दिन 16 से कम पार्सल डिलीवर रिपोर्ट दिखा दिया जाता था. जिसके कारण डिलीवरी बॉय को उस दिन का इंसेंटिव नहीं मिलता था. राकेश डंग ही फ्रेंचाइजी मालिक से सेटिंग कर डिलीवरी बॉय का वेतन घोटाला कर रहा था. एक दो डिलीवरी बॉय कहते हैं कि राकेश एक नंबर का घोटालेबाज था. उसने बिग बॉस्केट को ही नहीं, टाटा को भी बदनाम कर दिया.
राकेश के चहेते राइडर्स बेच देते थे सामान
एक दो राइडर्स ने यह भी बताया कि राकेश के कुछ चहेते राइडर्स अधिकतर प्रीपेड और कूपन का ऑर्डर डिलीवरी कर किसी दुकानदार से बेच देते थे. कस्टमर जब इसकी शिकायत कंपनी के कस्टमर केयर को फोन कर करता था तो राकेश कहता था कि कस्टमर झूठ बोल रहा है. मेरा डिलीवरी बॉय पार्सल डिलीवर कर चुका है. राकेश के चहेते राइडर्स इतने चालाक थे कि कस्टमर के घर के पास ही पार्सल का फोटो खींचकर डिलीवर कर देते थे और वहां से सामान लेकर भाग जाते थे. ताकि जांच में लोकेशन सही मिले. राकेश के चहेते राइडर्स अगर एक दिन में 50 हजार रुपये का सामान बेच रहे थे तो 25 हजार राइडर्स का होता था और 25 हजार राकेश का होता था.
99% कस्टमर दूसरे कंपनी से मंगा रहे हैं पार्सल
कई कस्टमर से बातचीत हुई तो उन लोगों ने कहा कि वे लोग अब बिग बॉस्केट की बजाय दूसरे ऑनलाइन कंपनी से ग्रोसरी आइटम मंगा रहे हैं. प्रीपेड और कूपन का ऑर्डर घर पर लाकर देने की बजाय रास्ते में ही डिलीवर कर देते थे और सामान लेकर भाग जाते थे. 99% लोग बिग बॉस्केट से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ चुके हैं. धनबाद में ग्रोसरी आइटम ऑनलाइन बेचने वाली एक दर्जन से अधिक कंपनियों का स्टोर है. जहां से वे लोग ऑर्डर कर सामान मंगा रहे हैं. कुछ राइडर्स का कहना है कि यह सब कुछ राकेश के कारण हो रहा है.

