STAR NEWS के स्टेट एडिटर विजय कुमार की खास रिपोर्ट
रांची। हेलो... प्रणाम सर... हम गोदी मीडिया बोल रहे हैं...होली का बख्शीश चाहिए । लोगों का कहना है कि नगर निगम का चुनाव के बाद अब प्रेस क्लब की गोदी मीडिया इन दिनों थानेदारों, नेताओं, व्यवसायियों, कोयला-बालू-गो तस्करों, ठेकेदारों, अवैध पार्किंग से वसूली करने वालों, बिल्डरों, अवैध शराब कारोबारियों, सट्टा-लाॅटरी संचालकों को सुबह से रात तक मोबाइल से फोन कर बख्शीश मांगने की राग अलाप रहे है। गोदी मीडिया फोन पर बातचीत के दौरान कहते हैं कि हमलोग कभी भी आपके खिलाफ खबर नहीं छापते हैं और न ही न्यूज़ चैनल पर दिखाते हैं। जिस तरह से वर्दीवालों को मंथली रुपए देते हैं। उसी तरह से कम से कम गोदी मीडिया को पर्व त्योहार में बख्शीश दे दीजिए। गोदी मीडिया कहते हैं कि हम लोगों को वेतन से गुजारा नहीं होता है, इसलिए छोटी ही रकम हम लोगों को दे दीजिए, ताकि पर्व त्योहार बेहतर ढंग से मना सकें। जब से नगर निगम का चुनाव खत्म हुआ है, तभी से मोदी मीडिया सुबह से रात तक इन लोगों के दरवाजों पर नंबर लगाकर खड़े रहते हैं। कई न्यूज चैनल और अखबार के संपादकों को भी बख्शीश पहुंच जाता है। आज के दौर में 99% मीडिया, गोदी मीडिया बन गई है। जनता भी जान चुकी है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले सत्ता, सरकारी तंत्र और अवैध धंधेबाजों के आगे बिक जाए तो इस देश का विकास कभी नहीं हो सकता है। हां विनाश जरूर हो सकता है। यही वजह है कि थाना हो या कोई भी सरकारी दफ्तर ईमानदारी से कहीं भी कोई काम नहीं होता है। लोग कहते हैं कि सरकारी कर्मचारी से लेकर अधिकारी और नेता भी पैसे के पीछे भाग रहे हैं।
गोदी मीडिया ने पत्रकारिता को नर्क बना दिया है
लोगों का कहना है की गोदी मीडिया ने पत्रकारिता को नर्क बना दिया है। जब से फर्जी उर्फ वसूलीबाज उजय ने झारखंड की धरती पर कदम रखा है, इसका एक ही लक्ष्य रहा है कि पत्रकारिता को बर्बाद कर देना है। रुपए का लालच देकर 99% तक उसने बर्बाद भी कर दिया। वर्दीधारियों और तस्करों से अपना एक सिंडिकेट बनाकर हर महीने करोड़ों रुपए की वसूली करता है। प्रेस क्लब के गोदी मीडिया और संपादकों को लगभग हर महीने एक करोड़ के आसपास रुपए बांट देता है। फर्जी ने कई जिलों में जमीन और फ्लैट खरीद चुका है। मार्केट कांप्लेक्स भी बना रखा है। आज की तारीख में फर्जी 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुका है। फर्जी किसी जमाने में रेड लाइट एरिया में भड़ुआगिरी का धंधा करता था। जिस्मफरोशी महिलाओं को अधिकारियों-नेताओं के बेडरूम तक सप्लाई करता था। उभय और उनुराग जैसे लोग भी इस धंधे से अछूते नहीं थे। दोनों ने मिलकर इसमें खूब डुबकी लगाई है। विनोद नगर के प्रज्ञा केंद्र में दोनों का देर रात आना जाना था। रानीबांध धैया तालाब में शराब पीकर डुबकी लगाने वाला काला कौआ शर्मा भी पत्तल चाटने चला जाता था। उभय कोयला चोरों और माफियाओं की दलाली करते करते सड़कछाप से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर लिया है।
शुभम संदेश और आवाज अखबार के संपादकों ने 100 से अधिक कर्मचारियों को 3 साल बाद भी नहीं दिया वेतन
लोगों का कहना है कि शुभम संदेश और आवाज अखबार के संपादकों ने 100 से अधिक कर्मचारियों को 3 साल बाद भी वेतन नहीं दिया है। सुरजीत सिंह, दीपक अंबष्ठ और अमित सिन्हा ने रिपोर्टर, फोटोग्राफर और अन्य कर्मचारियों से काम कराया, लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया। थाना से लेकर श्रम अधीक्षक तक से शिकायत की गई। सभी संपादकों को अधिकारियों ने बुलाकर डांट फटकार भी लगाई, लेकिन इन लोगों ने कर्मचारियों को उनका हक भी नहीं दिया। लोगों का कहना है कि गरीबों का हक मार कर खाने वाले तिल तिल कर मरेंगे। गरीबों को वेतन नहीं दिया तो क्या हुआ, डॉक्टर और अस्पताल को तो हर महीने लाखों रुपए दे रहे हैं। डेढ़ फुटिया उर्फ बौना भी शराब, शबाब और कबाब के लिए कोयला चोरों के दरवाजे पर हमेशा घुमता रहता है। अपनी पत्नी का इलाज करने के लिए एक बार एक विधायक से दो लाख रुपए लिया था और उसके खिलाफ खबर भी छापा। डेढ़ फुटिया दोगला नहीं महा दोगला हैं। जिस थाली में खाता है, उसी थाली में शौच करता है।



