पाॅलिटिकल रिपोर्टर विजय सिंह की खास रिपोर्ट
धनबाद। धनबाद नगर निगम चुनाव में न तो बीजेपी का सियासी दबदबा बरकरार रहा और न ही जेएमएम का जादू चला । कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भी चारों खाने चित कर गया। मेयर के 29 प्रत्याशियों में भाजपा के बागी 'सिंह मेंशन, के झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को ही धनबाद की जनता ने पसंद किया और मेयर के सिंहासन तक पहुंचा दिया। हालांकि शनिवार को मतगणना जारी है और देर शाम तक मेयर की जीत का रिजल्ट की आधिकारिक घोषणा की संभावना है। दो दिनों की दोपहर तक मतगणना और गोपनीय सूत्रों से पता चला है कि संजीव सिंह मेयर बन चुके हैं ? जनता के बीच चर्चा है कि चंद्रशेखर अग्रवाल को झामुमो का दामन नहीं थामना चाहिए था। पार्टी बदलने का भी खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। भाजपा समर्थित संजीव कुमार भी धनबाद की जनता के लिए कोई बड़ा चेहरा नहीं हैं। संजीव कुमार को जिताने के लिए भले ही वर्तमान सांसद और धनबाद के विधायक ने एड़ी चोटी एक कर दी। घर-घर जाकर वोट मांगे, सभाएं की और रैली निकाली, लेकिन सारा मेहनत पर पानी फिर गया। कांग्रेस समर्थित शमशेर आलम को भी लगा था कि वह इस बार मेयर की गद्दी हासिल कर लेंगे, लेकिन जनता कई वर्गों में बंट चुकी थी। पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर थे, लेकिन इस बार काफी पीछे चले। शुक्रवार को सुबह से ही मतगणना चालू है और पहले राउंड से ही संजीव सिंह आगे चल रहे हैं। शनिवार को भी आगे ही चल रहे हैं। संजीव सिंह के समर्थकों का कहना है कि संजीव सिंह शेर हैं और शेर को पछाड़ना असंभव है। संजीव सिंह ने साबित कर दिया कि सिंह मेंशन का दबदबा पहले भी कायम था और आज भी है। धनबाद की जनता को संजीव सिंह से उम्मीद है कि शहरी क्षेत्र का विकास जरूर करेंगे। पूर्व में मेयर रह चुके चंद्रशेखर अग्रवाल को लोगों ने क्यों नहीं पसंद किया, वे भी अच्छी तरह से जान चुके हैं। अगर वे झामुमो का दामन नहीं थामते तो शायद मेयर पद का चुनाव जीत सकते थे।
जनता ने चंद्रशेखर अग्रवाल का बिस्कुट पसंद नहीं किया
धनबाद की जनता ने चंद्रशेखर अग्रवाल का बिस्कुट पसंद नहीं किया। उनका प्रचार प्रसार भी संजीव सिंह से काफी कमजोर था। संजीव सिंह के समर्थक विजय जुलूस की तैयारी कर चुके हैं। होली दिवाली एक साथ मनाएंगे। मतगणना स्थल पर शनिवार को दोपहर में सिंह मेंशन के समर्थक काफी संख्या में जुट चुके हैं। संजीव सिंह और उनके परिवार समेत समर्थकों के चेहरे पर खुशी झलक रही है। वहीं दूसरी और चंद्रशेखर अग्रवाल और उनके समर्थकों के चेहरे मायूस हो गए हैं। धनबाद के गली-गली में संजीव सिंह की जीत और चंद्रशेखर अग्रवाल की हार की चर्चा शुक्रवार से ही होने लगी थी। शनिवार को लोगों ने तय कर दिया कि संजीव सिंह ही शहर की सरकार बनेंगे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 5 साल में शहर का कितना विकास होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
छा गया संजीव सिंह का जलवा
धनबाद नगर निगम मेयर चुनाव में संजीव सिंह का जलवा छा गया। भाजपा के पूर्व विधायक रह चुके संजीव सिंह ने पार्टी लाइन तोड़कर स्वतंत्र या बागी के रूप में मैदान में कूदे और अब वे सबसे आगे हैं। संजीव सिंह ने पार्टी लाइन तोड़कर बागी के रूप में चुनाव लड़ा और युवाओं से विशेष समर्थन प्राप्त किया। युवाओं ने सोशल मीडिया प्रचार और रोड शो के माध्यम से संजीव सिंह को व्यापक लोकप्रियता दिलाई है। मेयर चुनाव के मतगणना रुझानों ने संजीव सिंह के जलवे को शनिवार दोपहर तक बरकरार रखा है। भाजपा के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी संजीव कुमार को करारी शिकस्त देने की राह पकड़ ली। युवाओं का भारी समर्थन और जनता की पसंद ने BJP के बड़े नेताओं को भी रिजेक्ट कर दिया। चर्चा है कि युवाओं के बीच उनका प्रचार अभियान आग की तरह फैला, जिसने बड़े-बड़े नेताओं को पीछे छोड़ दिया।
युवाओं के बीच जमकर वायरल
युवा वोटरों ने संजीव सिंह को "सिंह मेंशन" बनाकर मैदान संभाला। प्रचार में उनका जलवा देखने लायक था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, रोड शो में उमड़ी भीड़. सांसद ढुल्लू महतो और विधायक राज सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगे, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। पूर्व विधायक का तजुर्बा और स्थानीय मुद्दों पर फोकस ने जादू बिखेरा दिया। संजीव सिंह चुनावी रणनीति में कमाल दिखाया। वे भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी संजीव कुमार के खिलाफ उतरे और सड़कों पर उतरकर जनता से सीधा संवाद किया। खासकर युवा वोटरों ने उनका खुलकर साथ दिया रैलियों में उनका जोश देखने लायक था,नारे लगते, भीड़ उफान पर आ जाती थी "सिंह मेंशन का जलवा" बन चुका उनका नारा हर गली-मोहल्ले में गूंजता रहा। पूर्व विधायक के तजुर्बे ने उन्हें स्थानीय मुद्दों जैसे साफ-सफाई, रोजगार और विकास पर मजबूत पकड़ दी, जो युवाओं को भा गया।
भाजपा में मची खलबली
भाजपा के बड़े नेता सांसद ढुल्लू महतो और विधायक राज सिन्हा ने संजीव अग्रवाल के लिए जोर-शोर से प्रचार किया रोड शो, जनसभाओं में वोट की अपील की, लेकिन जनता ने उनका साथ नहीं दिया. ढुल्लू महतो और राज सिन्हा की अपील रिजेक्ट हुई। इसके बावजूद संजीव सिंह को जनता ने भारी समर्थन दिया। मतगणना के रुझानों में वे सबसे आगे हैं, भारी वोटों से मेयर पद पर कब्जा जमाने को तैयार हैं। भाजपा में इसके बाद से हड़कंप मच गया है। बागी संजीव सिंह ने साबित कर दिया कि जनता की पसंद ऊपर है। अगर रुझान बने रहे, तो वे मेयर बनकर धनबाद का चेहरा बदल देंगे।
